एसी ट्रेन/वाहन, होटल, सात्विक भोजन एवं दर्शन गाइड सहित सम्पूर्ण व्यवस्था
मान्यता है कि माता वैष्णो देवी ने त्रेता युग में माता पार्वती, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में मानव जाति के कल्याण के लिए एक सुंदर राजकुमारी का अवतार लिया था। उन्होंने त्रिकुटा पर्वत पर तपस्या की थी। बाद में उनका शरीर तीन दिव्य ऊर्जाओं महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के सूक्ष्म रूप में विलीन हो गया।
मथुरा ;- श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर मथुरा में स्थित है। यह जेल की कोठरी के चारों ओर बनाया गया है, जिसमें भगवान कृष्ण के माता-पिता, माता देवकी और वासुदेव कंस मां द्वारा कैद किये गए थे। हिंदुओं के लिए इस मंदिर का बहुत महत्व है क्योंकि इसे भगवान कृष्ण का जन्मस्थान माना जाता है।
मथुरा शहर मे सम्मिलित वृन्दावन मथुरा से १५ किमी कि दूरी पर स्थित वृन्दावन (Vrindavan) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा ज़िले में स्थित एक महत्वपूर्ण धार्मिक व ऐतिहासिक नगर है। वृन्दावन भगवान श्रीकृष्ण की लीला से जुडा हुआ है। यह स्थान श्री कृष्ण की कुछ अलौकिक बाल लीलाओं का केन्द्र माना जाता है।
अमृतसर का वाघा बॉर्डर में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा है। यहां हर शाम भारतीय और पाकिस्तानी सेनाओं की हैंडशेकिंग और बीटिंग रिट्रीट होती है जिसे देखने दूर-दूर से लोग आते हैं। दोनों देशों के सैनिक अपने-अपने राष्ट्रीय ध्वजों को नीचे उतारते समय इसे करते हैं।
Devotees can board and deboard at any of the following confirmed junctions along the route:
सुगम एवं सुरक्षित दर्शन यात्रा - पंचमुखी तीर्थ यात्रा परिवार के साथ
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